माँ का दूध बच्चे की भूख मिटाता है, उसके शरीर की पानी की आवश्यकता को पूरी करता है, हर प्रकार के बीमारी से बचाता है, और वो सारे पोषक तत्त्व प्रदान करता है जो बच्चे को कुपोषण से बचाने के लिए और अच्छे शारारिक विकास के लिए जरुरी है। माँ का दूध बच्चे के मस्तिष्क के सही विकास के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

माँ के दूध की तुलना सिर्फ अमृत से की जा सकती है।

माँ का दूध बच्चे के लिए सिर्फ आहार ही नहीं, बल्कि जीवन रक्षक वरदान है।

सरकारी आँकडोँ के अनुसार माँ के दूध के फायदे के जानकारी के आभाव में बच्चे कुपोषण के शिकार हो जाते हैं। उनके अनुसार 6 माह तक बच्चे को केवल माँ का दूध ही देना चाहिए।

माँ के दूध में पर्याप्त मात्रा में पानी होता है इसीलिए बच्चे को अलग से पानी देने की आवश्यकता नहीं है। माँ के दूध में वो सभी पोषक तत्त्व होते हैं जो बच्चों कुपोषण से बचाने में सहायक हैं।

माँ का दूध बच्चों के लिए अमृत सामान होता है। यह शिशु को उसी तापमान में मिलता है, जो की शिशु के शरीर का होता है। इससे शिशु को ना तो सर्दी और ना ही गर्मी होती है।